dokdo

मटेरियल केंद्र

Dokdo, Beautiful Island of Korea

जापानी आक्रमण के बारे में कोरियाई जनता की जागरूकता

home > मटेरियल केंद्र > दोक्दो, कोरियन प्रायद्वीप में जापानी अधिक्रमण का पहला शिकार > जापानी आक्रमण के बारे में कोरियाई जनता की जागरूकता

print facebook twitter Pin it Post to Tumblr

दाईहन मेईल शिनबो

कोरिया-जापान संधि की फॉलो-अप रिपोर्ट, 『दाईहन मेईल शिनबो』 (दिसंबर 23, 1905)

〔अनूदित लेख〕

संपादकीय लेख
कोरिया-जापान संधि(उल्सा निषेध संधि) की फॉलो-अप रिपोर्ट
वर्तमान टोकियो शिंपो* के अनुसार सीओल के जापानी दूतावास ने नयी संधि के निष्कर्ष को दूसरे दिन अधिसूचित किया । क्योंकि इस पत्रकार ने वहाँ शीघ्रता से पूछताछ की (और इसलिए यह पत्रकार वास्तविक परिस्थितियों को जानता है), मैं इस सरकारी राजपत्र लेख का खंडन करता हूँ, मैं दुःख का दमन नहीं कर सकता हूँ । अभी तक, यह खंडन महत्वपूर्ण है क्योंकि जापानी सरकारी राजपत्र लेख की भ्रान्तिजनक जानकारियों को स्पष्ट रूप से उल्लेखित करने का दूसरा उपाय नहीं है । जापानी राजपत्रके अनुसार विदेश मंत्री, पार्कजे-सुन ने हर मंत्री के साथ ही बैठकर इस संधि में मुहर लगाया । हम उस तथ्य के आधार पर कह सकते हैं कि मुहर लगाने के समय मंत्री हान ग्यू-सोल जापानी के द्वारा नजरबंद किया गया । इसलिए वे उपस्थित न थे ।
यह राजपत्र लेख बताता है कि मुहर संधि के प्रावधानों की बहस समाप्त होने के बाद भी बंद होना बचा था, विदेश मंत्री को मुहर लेने जाना था और अन्य व्यक्तियों को वहाँ रुकना था । यद्यपि मुहर-इंचार्ज उस समय अपने पद पर उपस्थित नहीं था । फलस्वरूप मुहर के आने में 2 घंटे बरबाद हो गए । हालाँकि, इस पत्रकार ने भलीभांति स्थित का अवलोकन किया और इस अख़बार में पिछली रिपोर्ट से अलग कुछ भी नहीं सुना । सच कुछ ऐसा है : पिछले महीने की 17 वीं तारीख को, यद्यपि कोई भी मंत्री काम पर नहीं था, नुमानो **(Numano) विदेश मंत्रालय के दफ्तर से सारा दिन वापस नहीं आया यदापि उसका वहाँ कोई विशेष काम नहीं था । यह मुहर लाने के सम्बन्ध में घटित हुआ ।
पार्कजे-सुन (Park Je-sun) को जापानियों ने मुहर के लिए दफ्तर में फ़ोन करने को मजबूर किया । तब दफ्तर पर उपस्थित अधिकारी ने सीधे मुहर देने से इन्कार कर दिया । यह हुआ क्योंकि पार्क जे-सुन ने प्रातःकाल ही अधिकारियों को किसी के द्वारा भी पूछने पर मुहर न देने का आदेश दे दिया था, पार्क जे-सुन ने मुहर को नष्ट करने का भी आदेश दिया था, और अधिकारियों ने उस फ़ोन कॉल को भी बाध्यता में की गयी कॉल समझा । तथापि, जब शिओकावा ***(Shiokawa) विदेश मंत्रालय के दफ्तर में जापानी सेना और पुलिस के साथ पहुँचा, नुमानो (Numano) ने वह जगह बता दी जहाँ पर मुहर रखी हुई थी जो और वो इसे लेकर तुरन्त महल में आ गये । मुहर के इंचार्ज ने अपने कार्यस्थल को सुबह नहीं छोड़ा होगा, बल्कि वहाँ (सरकारी राजपत्र लेख में) दूसरी कमियाँ हैं जिनका खंडन मैं कल करूँगा ।

* जापानी सरकार द्वारा प्रायोजित एक अख़बार
** यासुतारो नुमानो, उस समय का प्रमाणीकरण अधिकारी
*** इछितारो शिओकावा, एक जापानी अनुवादक

〔मूल लेख〕

Original Text