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दोक्दो के बारे में हमारा मौलिक दृष्टिकोण

Dokdo, Beautiful Island of Korea

सरकार का बयान

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और जनसंपर्क उपमंत्री जापान द्वारा परिवर्तित (रिवाइज्ड) टीचिंग मंनुअल में दोक्दो दावे का समावेश करने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान (२८ जनवरी २०१४)

क्या जापान अपने आने वाली पीढ़ी को इतिहास के असत्य गणना के मृगमरीचिका की ओर ले जा रहा है ?
 
1. दोक्दो जो की साफ तौर से ऐतिहासिक रूप से, भौगोलिक रूप से और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत कोरिया गणराज्य का भूभाग है जापान का अबे एडमिनिस्ट्रेशन दोकदो के बारे में अपने आने वाली पीढ़ी को यह बताने का प्रयास कर रही है कि दोक्दो जापान भूभाग है l उसका यह प्रयास मध्य विद्यालय एवं उच्य विद्यालय के पाठ्य सामग्री में अपने आधारहीन दावे को दुहराने का एक कोशिश है l  कोरिया गणराज्य की सरकार जापान के इस कदम का सख्त विरोध करती है और साथ हीं साथ उस दावे को तुरंत वापस लेने की मांग करती है l यदि जापान की सरकार ऐसा करने में नाकाम रहती है तो कोरिया गणराज्य की सरकार उसके बदले में सख्त उपाय करेगी l

 

2. दोक्दो पर जो की कोरियाई भूभाग का पहला भाग था जो जापान के साम्राज्यवादी एवं उग्र औपनिवेशवाद का शिकार बना था, जापान बार बार अपना गलत दावा करना और अपने अगले पीढ़ी को उस दावे के बारे में बताना साफ तौर से यह दर्शाता है कि जापान अभी भी इतिहास  के विकृत रूप को और अपने साम्राज्यवादी  अतीत को नहीं छोड़ पाया है l  इस तरह के कदम उठाकर जापान अपने हीं स्थिति को स्पस्ट कर रहा है कि वह अपने आपको इतिहास से अलग कर लिया है और द्वितीय विश्वयुद्ध में ही हार का अनुकरण करते हुए एक अलग रास्ता अपना लिया है l

 

3. जापान का यह छद्म रूप कोरिया को जापान सरकार द्वारा बनाये गए शांति के प्रति अतिसक्रिय निति के पीछे छुपे हुए मानसिकता को समझने के लिए मजबूर करती है l कोरिया गणराज्य की सरकार जापन के ऊपर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है और पूछती है कि जो देश अपने पड़ोसी देश के साथ लगातार संघर्ष पैदा करता है और उसके क्षेत्र में अशांति और अस्थिरता पैदा करता है वह अपने शांति के प्रति अतिसक्रिय निति के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शांति और स्थिरता कैसे स्थापित कर सकता है ?

 

4. यदि जापान वास्तव में क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शान्ति में योगदान देना चाहता तो अपने आने वाली पीढ़ी को इतिहास का गलत जानकारी देते हुए अपने पड़ोसी देश के लोगों के बीचदुश्मनी और संघर्ष के बिज बोने से बाज आता l

 

5. जापानी नेताओं को इस तथ्य का अहसास होना चाहिए की जो अपने अतीत को भूल जाता है वो आगे अपने भविष्य को देखने लायक नहीं होता l

 

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